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Sunday, January 17, 2021

What are 5 basics of finance/investment I should know as a 25 y/o?

  1. Now is the right time
  • Now is always the right time in markets
  • The markets started 1900 at around 66. They hit 26,600 this year
  • Don’t try to time markets
  • Don’t confuse volatility and stability

2. Anybody can become a millionaire on a middle-class income

  • The evidence is clear

3. Be an investor not a speculator

  • Be long-term
  • Read about asset allocation and fees

4. Spending habits are key

  • They are more important than income
  • Anybody can become broke

5. Read the evidence

  • The most important thing
  • 98% of people haven't read it
  • Base your decisions on the evidence and not emotions

Also remember, that wealth is just income - expenditure x compounded returns. Work on all three in tandem. For example, save money on your rent and auto insurance renewal, reinvest it, and it all compounds. Avoid divorce as it destroys half of your wealth etc.

Source : Adam Fayed

Sunday, January 3, 2021

Most Common Misconception in IPO by R.K Sir


Source : @IPO_MANTRA

Tuesday, December 15, 2020

मुझे भारतीय शेयर बाजार में दिलचस्पी है। मुझे कहाँ से शुरू करना चाहिए? मुझे इसका कोई ज्ञान नहीं है।

आपने शेयर बाज़ार में दिलचस्पी ली है और सीखना चाहते हैं, तो शुरुआत तो आपने कर ही दी है.

कुछ आवश्यक स्टेप्स बताऊंगा, आपने यदि पहले से नहीं लिए है, तो कृपया ध्यान से इन बिन्दुओं पर कार्यवाही कीजिये.

पहला स्टेप: आप के पास यदि पैन कार्ड (PAN Card) नहीं हो तो कृपया बनवा लीजये. आजकल पैन कार्ड बनवाना तो बैंक में खाते खुलवाने जैसा सीधा साधा है.

दूसरा स्टेप: एक अपनी पसंद से अच्छा ब्रोकर चुन लीजिये जैसे मोतीलाल ओसवाल, एंजेल ब्रोकिंग, ज़ेरोधा, शेयरखान इत्यादि. बाज़ार में बहुत से उपलब्ध हैं.

तीसरा स्टेप: अपना एक डीमैट (Demat) अकाउंट कहीं भी खुलवा लें. आप अपने बैंक से भी अनुरोध कर सकते हैं. SBI या ICICI बैंक एवं अन्य बहुत से बैंक में भी यह सुविधा है.

चौथा स्टेप: थोडा थोडा पठन पाठन करना शुरू कीजिये. शेयर बाज़ार से सम्बंधित वेबसाइट सर्फ करना शुरू कीजिये, थोडा बहुत ज्ञान टी वी से लेना भी कोई बुरा नहीं है. किताबें, समाचार पत्र, यू ट्यूब, कोई सेमीनार में भाग लेने का मौका मिले या आजकल वेबिनार का दौर है ज़रूर अटेंड करें, कहने का मतलब ये है की अन्य जो भी माध्यम सुविधाजनक हो, सीखने की कोशिश करें. हम तो आज भी सीख ही रहे हैं. वैसे भी यहाँ पूर्ण ज्ञानी कोई नहीं है, सभी सीख ही रहे होते हैं, और सही बात है सीखना कभी भी बंद नहीं होना चाहिए. खैर..

पांचवा स्टेप : इसके बाद आप धर्य से एक कागज़ और पेन लेकर बाज़ार की अपनी पसंद की कुछ 10 से 20 कंपनियां चुने जिसमे कुछ बड़े नाम जैसे मारुती, बजाज, आयशर मोटर्स, ब्रिटानिया, रिलायंस, एयरटेल, इनफ़ोसिस इत्यादी भी लिख लेवें और प्रतिदिन इनके शेयर भाव नोट करना शुरू करें, दिन में भाव कितना ऊंचा और कितना नीचा गया, और किस भाव पर बंद हुआ, इसे भी नोट करिए. इस उतार चढ़ाव की वजह भी पढ़िए बहुत सी वेबसाइट उपलब्ध हैं जैसे मनी कण्ट्रोल, इकनोमिक टाइम्स इत्यादी.

छटवां स्टेप : अब आपको बाज़ार के उतार चढ़ाव समझ आने लगेंगे. आपको अपनी सूची में से कुछ एक नाम विशेष तौर पर अच्छे परफॉर्म या खराब परफॉर्म करते दिखने और समझ में आने शुरू हो गये होंगे. कुछ और सप्ताह यू ही अपना ज्ञान बढ़ाते रहें और अपनी रणनीति भी बनाते जाइये की यदि मै निवेश करता तो कितने समय के लिए निवेश करता, कितना फायदा मेरा लक्ष्य होगा या कितना नुकसान झेल सकता हूँ. फिर मौखिक या वर्चुअल तौर पर ही (वास्तविक नहीं) रु 10000 के कुछ शेयर किन्ही दो या तीन कंपनियों के कुछ शेयर खरीदें और देखें की किस भाव पर वो ऊपर या नीचे गए, किस भाव पर वो बंद हुए और यही पैसे कितने बढे या घटे. अगले दिन चुपचाप यही नोट करें और कुछ दिन यूं ही देखें. आपकी हिम्मत बढ़ेगी आपको लगने लगेगा की बस यही वो शेयर है जिसे मुझे निवेश करना है, बस यहीं से शुरुआत कीजिये और बस ताक में रहिये, ट्रिगर लगाइए की वो शेयर आपकी पसंद के भाव पर आप खरीद पायें. अगर शेयर आपका टारगेट भाव छूता है तो वो शेयर आपका हुआ. इसके बाद जब आपको लगे की निवेश में ठीक ठाक बढ़ोतरी हुई है, तो कुछ शेयर बेच भी डालिए और शेयर बाज़ार से पहला मुनाफा भी चखिए. हालाँकि इसका ठीक उल्टा भी हो सकता है और फायदा तो दूर नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. खैर यही तो आपको सिखाएगा की आपका शेयर का चुनाव कैसा था. यहीं आप निर्णय ले पाएंगे की लम्बी अवधी क निवेश ठीक रहेगा या छोटी छोटी अवधी के निवेश.

इन सबके बीच शेयर मार्किट के दिग्गज गुरु श्रीमान वारेन बफेट की ये उक्तियाँ आपको ज़रूर याद रखनी होगी की "स्टॉक मार्किट, पैसे अधैर्यवान से धैर्यवान की तरफ जाने का एक साधन है"

गलतियों से सीखिए ज़रूर, बस यही सब कुछ बाज़ार दोहराता है. पहला कदम विश्वास के साथ उठाइए और शुरू कीजिये, मेरी शुभकामनायें आप सभी के लिए.

शुक्रिया

Source : Farooq Ahmed

Sunday, December 13, 2020

आदमी को व्यापार क्यों करना चाहिए?

ये कहानी आपकी जीवन बदल सकती हैं।

एक बडी कंपनी के गेट के सामने एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान थी, लंच टाइम मे अक्सर कंपनी के कर्मचारी वहाँ आकर समोसे खाया करते थे।

एक दिन कंपनी के एक मैनेजर समोसे खाते खाते समोसेवाले से मजाक के मूड मे आ गये।

मैनेजर साहब ने समोसेवाले से कहा, "यार गोपाल, तुम्हारी दुकान तुमने बहुत अच्छे से maintain की है, लेकीन क्या तुम्हे नही लगता के तुम अपना समय और टैलेंट समोसे बेचकर बर्बाद कर रहे हो.? सोचो अगर तुम मेरी तरह इस कंपनी मे काम कर रहे होते तो आज कहा होते.. हो सकता है शायद तुम भी आज मैंनेजर होते मेरी तरह.."

इस बात पर समोसेवाले गोपाल ने बडा सोचा, और बोला, " सर ये मेरा काम आपके काम से कही बेहतर है, 10 साल पहले जब मै टोकरी मे समोसे बेचता था तभी आपकी जॉब लगी थी, तब मै महीना हजार रुपये कमाता था और आपकी पगार थी 10 हजार।

इन 10 सालो मे हम दोनो ने खूब मेहनत की..

आप सुपरवाइजर से मॅनेजर बन गये.

और मै टोकरी से इस प्रसिद्ध दुकान तक पहुँच गया.

आज आप महीना 50,000 कमाते है

और मै महीना 2,00,000

लेकिन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नही कह रहा हूँ।

ये तो मै बच्चों के कारण कह रहा हूँ।

जरा सोचिए सर मैने तो बहुत कम कमाई पर धंधा शुरू किया था, मगर मेरे बेटे को यह सब नही झेलना पडेगा।

मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी, मैने जिंदगी मे जो मेहनत की है, वो उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे। जबकी आपकी जिंदगी भर की मेहनत का लाभ आपके मालिक के बच्चे उठाएंगे।

अब आपके बेटे को आप डाइरेक्टली अपनी पोस्ट पर तो नही बिठा सकते ना.. उसे भी आपकी ही तरह जीरो से शुरूआत करनी पडेगी.. और अपने कार्यकाल के अंत मे वही पहुच जाएगा जहाँ अभी आप हो।

जबकी मेरा बेटा बिजनेस को यहा से और आगे ले जाएगा..

और अपने कार्यकाल मे हम सबसे बहुत आगे निकल जाएगा..

अब आप ही बताइये किसका समय और टैलेंट बर्बाद हो रहा है ?"

मैनेजर साहब ने समोसेवाले को २ समोसे के २० रुपये दिये और बिना कुछ बोले वहाँ से खिसक लिये.......!!

Source: सिद्धार्थ पिसे

Saturday, December 12, 2020

रोल्स रॉयस कार से जुड़े रोचक तथ्य क्या हैं?

रोल्स रॉयस कार से जुड़े अनसुलझे रोचक तथ्य -

1. रोल्स रॉयस कार खरीदने के लिए बड़े से बड़ा बिज़नेस भी एक बार जरूर इसकी कीमत को लेकर विचार विमर्श करता होगा. परतु क्या आप जानते है ताईवान के रहने वाले एक 12 साल के बच्चे ने रोल्स रॉयस फेंटम कार खरीदी थी जिसकी कीमत लगभग 12 करोड़ थी.

2. रोल्स रॉयस को लेकर एक अफवाह यह भी है कि अगर आप रोल्स रॉयस (Rolls Royce) कार खरीदना चाहते है तो पहले कंपनी आपके इतिहास कि पड़ताल करेगी परंतु ऐसा बिलकुल भी नहीं है. अगर आपके पास पैसे है तो आप बेरोक टोक यह कार खरीद सकते है.

3. रोल्स रॉयस को फिनिशिंग देने में ही लगभग 7 से 20 दिन का समय लगता है. और इसमें लगने वाले पेंट का वजन लगभग 100 पौंड होता है साथ ही पेंट की 5 लेयर की जाती है.

4. आपको जानकर हैरानी होगी रोल्स रॉयस (Rolls Royce) के AC में लगभग 30 रेफ्रिजरेटर जितनी कूलिंग कि क्षमता होती है.

5. एक अफवाह यह भी है कि रोल्स रॉयस कार का उपयोग आप टेक्सी के रूप में नहीं कर सकते. परंतु यह अफवाह बिलकुल गलत है. आप रोल्स रॉयस (Rolls Royce) खरीदने के बाद जो दिल चाहे इस कार के साथ वो सब कर सकते है.
6. इस कार की शुरुवाती कीमत 4 करोड़ से शुरू होकर कस्टमर की सुविधा अनुसार कार के इंटीरियर में बदलाव किया जाता है जिस कारण RR कि ऊपरी कीमत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

7. क्या आप जानते है Rolls Royce कंपनी का नाम इसके दो पार्टनर मालिकों के नाम से लिया गया है जिनका नाम Charles Rolls व् Henry Royce है.

8. आपको जानकर हैरानी होगी इस कार को बनाने में अधिकतर कार्य रोबोट कि जगह हाथो से किया जाता है.

9. Rolls Royce कार को आर्डर देकर बनाया जाता है क्युकि इस कार का स्टॉक नहीं होता.

10. क्या आप जानते है Rolls Royce कार के बोनट पर लगा symbol कार स्टार्ट होने पर ही हुड से बाहर आता है और कार बंद हो जानें पर यह फिर से हुड में वापिस चला जाता है.

Source: Pawan Yadav

Friday, December 11, 2020

मार्केटिंग स्ट्रेटजी के बेहतरीन उदाहरण कौन से हैं?

जब भी मार्केटिंग स्ट्रेटजी का नाम आएगा तो इस शख्स को युगों युगों तक याद किया जाएगा।

बात सन् 23 अक्टूबर 2001 की है।

आधुनिक तकनीकी से सुसज्जित स्टेज पर स्टीव जॉब्स अपनी उसी सादगीपूर्ण Jeans - टी-शर्ट में स्टेज की शोभा बढ़ा रहे थे और यह दिन उनके लिए कुछ खास था।

खास हो भी क्यों नहीं, क्योंकि इस दिन वो दुनिया के सामने अपना एक बेहतरीन प्रोडक्ट Original iPod लांच करने वाले थे।

अपना संबोधन शुरू करते ही उन्होंने दो महत्वपूर्ण बातें कही जो शायद उनको दुनिया का बेस्ट Marketer बनाती है।

उन्होंने कहा -

  1. उन्होंने यह नहीं कहा कि iPod में MP3 Songs के लिए 1GB स्टोरेज है जबकि उन्होंने यह कहा कि " iPod खरीदने के बाद आप 1,000 गानों को अपनी जेब में लेकर घूम सकते हैं।
  2. उन्होंने यह नहीं कहा कि iPod का साइज़ छोटा है जबकि उन्होंने यह कहा कि " iPod आपकी जेब ( Pocket ) में बिल्कुल Fit आता है।

इसी का नाम मार्केटिंग है जब किसी भी प्रोजेक्ट के फीचर्स को Benefits के रूप में पेश किया जाता है।

किसी भी प्रोजेक्ट के फीचर्स का ज्यादा गुणगान करने से अच्छा है कि जनता को सीधे सीधे उस प्रोडक्ट के फायदों के बारे में बताया जाएं।

एक साधारण उदाहरण के तौर पर माना कि आप किसी ऐसे गांव में गीजर बेचने जाते हैं जहां के लोगों ने कभी गीज़र का नाम नहीं सुना।

अब आप वहां इसके फीचर्स का गुणगान करते रहोगे तो कोई नहीं समझेगा।

इसके विपरित अगर आप सीधा सीधा गांव वालों की भाषा में यह बोल दोगे कि "भाई सर्दियां आ रही है और यह खरीदने से आपका पानी गर्म हो जाएगा।"

इससे हो सकता है लोग आपके प्रोडक्ट की ओर ज्यादा आकर्षित हों

Source :Koja Ram

पैसे को इनवेस्ट करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है ?

यह मुख्य प्रश्नों में से एक है जो मुझे कुछ समय से प्राप्त हो रहा है। मिलेनियल्स ने अपने पैसे का निवेश करने और न केवल इसे बचाने के लाभों को समझना शुरू कर दिया है। आप मुझसे पूछ सकते हैं कि मुझे निवेश क्यों करना है? खैर, इसके कई कारण हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक यह है कि आपके घर पर बैंक या नकदी में जो पैसा बचता है, वह वर्षों में अपना मूल्य खो देता है। यह समय के मूल्य (टीवीएम) के रूप में जाना जाता है, जो कि इसका मतलब है कि इसका अर्थ है कि वर्तमान में उपलब्ध धनराशि भविष्य में उसी राशि से अधिक है, जो कि इसकी संभावित कमाई क्षमता के कारण है।

साथ ही, अगले 15- 20 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त वृद्धि होगी। आज जो निवेश किया जाता है वह निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में बहुत बड़ा लाभ देगा, बशर्ते आप सही निवेश उत्पादों का चयन करें और लंबी अवधि के लिए उन में निवेश किया जाए।

यदि आपने शुरू नहीं किया है, तो जल्दी निवेश करना शुरू करें, याद रखें वॉरेन बफेट 11 साल की उम्र में शुरू हुआ था।

कंपाउंडिंग दुनिया का 8 वां अजूबा है।

  1. उदाहरण: एक वर्ष में १ लाख रुपये निवेश १५% के साथ २० वें वर्ष में १.१ 20th करोड़ रुपये हो जाएगा। दूसरी तरफ, प्रति वर्ष 1 लाख रुपये के बजाय, यदि आप प्रति वर्ष केवल 10,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो आप 20% में केवल 11.7 लाख रुपये कमाएंगे, जिसमें 15% का चक्रवृद्धि
  2. रातों रात आप एक साम्राज्य नहीं बना सकते धैर्य रखें। बफे ने अपनी 56 वीं उम्र में ही अपना पहला बिलियन डॉलर चखा।
  3. जोखिम लेना और विविधीकरण। अपने सभी पैसे एक सेक्टर में न रखें (Ex: केवल IT सेक्टर में), तीन / चार सेक्टरों में विविधता करें (Ex: IT, Auto, FMCG, Pharma)। यदि आप युवा हैं, तो उच्च जोखिम वाले इक्विटी निवेश के लिए जाएं।
  4. आँख बंद करके कोई निवेश न करें। निवेश करने से पहले अपने स्टॉक / फंड के बारे में अच्छी तरह से जान लें। निवेश उतना ही अच्छा है जितना कि शादी
  5. ब्रोकर (म्यूचुअल फंड सलाहकार) के माध्यम से जाने के बजाय सीधे म्यूचुअल फंड चुनें। यह लंबी अवधि में आपको करोड़ों रुपये बचाने में मदद करेगा। म्यूचुअल फंड एजेंट्स कमीशन आपके निवेश का 0.5% से 3% तक होगा।
  6. कम से कम 10% मासिक के लिए म्यूचुअल फंड में एसआईपी करें, घर का वेतन लें। 10% के लिए, एक महीने में तीन एसआईपी कटौती तिथियों में तीन फंड चुनें। कहते हैं कि आपके पास निवेश करने के लिए 6000 रुपये हैं। 1 से 10 रुपये के बीच की तारीखों में एक्स फंड चुनें, 11 से 20 के बीच तारीखों में वाई फंड, 21 से 31 के बीच की तारीखों में जेड फंड। इससे आपको बाजार में उतार-चढ़ाव में अधिक पैसा कमाने में मदद मिलती है या संकट में कम पैसे का नुकसान होता है।
  7. आवर्ती जमा / फिक्स्ड डिपॉजिट को सं। अगर आप FD / RD में निवेश कर रहे हैं, तो आज ही इसे रोक दें। फॉर्म इंश्योरेंस निवेश से दूर रहने की कोशिश करें
  8. एक साल में आपको 2 दशकों के बाद लाखों मिलेंगे, एक साल में एक लाख आपको 2 दशकों के बाद एक करोड़ देंगे।

रियल एस्टेट: अंत में हम सबसे प्रतीक्षित निवेश एवेन्यू में आते हैं, नरक में यह अचल संपत्ति है। अब अचल संपत्ति के साथ शुरू करना महंगा है क्योंकि वे वास्तव में उपर्युक्त किसी भी उपकरण से इस अर्थ में विपरीत हैं कि हम वास्तव में अधिक भुगतान करते हैं हमारी जेब केवल खरीद मूल्य यानी ऋण पर देय ब्याज के बराबर मूल्य प्राप्त करने के लिए। इसलिए अनिवार्य रूप से लंबी अवधि यानी 2 साल की अवधि तक जब तक हमने अपने मूलधन का भुगतान ब्याज के साथ नहीं किया है, हम वास्तव में लाभ प्राप्त नहीं करते हैं। वास्तविक रूप से बोलने वाले रियल एस्टेट आमतौर पर मध्यम उपज वाले साधनों के लिए मध्यम से मध्यम होते हैं जो आमतौर पर 10% रिटर्न यो के अधिक से अधिक एपर्चर के साथ होते हैंI

मेरे तर्क को बंद करने के लिए, आपको धन संचय करने के लिए बुद्धिमान होने की आवश्यकता नहीं है, यह सब रोगी लेता है, और बहुत कुछ।

Source : Ajit Dholkia

Sunday, December 6, 2020

How do people get rich from stocks?

Hi Investors/ Traders ,

I have list of billionaires who are presently rich by investing:-

  1. Warren Buffet
  2. Rakesh Jhunjhunwala.
  3. Ramesh Damani
  4. Vijay Kedia and many more.

Here it is fact that you are not going to become rich with your monthly salaries unless you invest and generate compounding returns on your investments.

  • How to become millionaire by investing money in Indian Stock Market:-Invest in NIFTY50 stocks:- I will show you below example where you could have made 100% of returns if you have invested money before 12 months.

You can see on 23–03-2020 price was 975 and today on 25–11-2020 current price is 1980. More then 100% returns in few months.

  • Stock selection plays very important role while investing money in stock market if you able to invest in right stock then definitely it will turn in green after few months.
  • Here investors who became rich they invests always in blue chip stocks rather then penny stocks.
  • I have seen many people residing in UAE or USA but investing in Indian stock market they get returns of more then 50% and I am surprised to know that this is how they would able to invest in motels and restaurants that is there reinvestment. Profits they earned then reinvest in restaurants.
  • Compounding interest is something which initially is small but its multiplication will turn your investment in lacs.
  • Stop buying apple phone and start buying apple stock that is called smart investment.
  • At initial level you have to grow trees to get fruits once your returns will start then you start living luxurious life. First invest your time to research how could you multiply your savings.
  • Warren buffet has always invest his money in a way where he will gain fruitfull returns. You must start growing your seeds. Stock selection and fundamentals requires lot of experience where you need to hire any research analyst or you must spent some time to research about stocks.
  • Patience is the key to get profit from stock market. Here if you will hurry then you may loose your capital.
  • Entry and exit levels are very important in trading in stock market a wrong entry can lead you to loss or can stuck your position.
  • Mutual funds and SIP’s are good option but that will give you long-term returns so better go for direct investment along with that.

Thank You!!

Source : Praveen Madison

Friday, December 4, 2020

क्या कोई ऐसा व्यक्ति है, जो शेयर बाजार में करोड़पति बना हो

मैं आपको एक किस्सा सुनाता हूं जो की विप्रो के शेयर से जुड़ा है|उस राज के बारे मैं भी बताता हूँ जिस की वजह SAIN यह संभव हौं पाया|

यह कहानी है ₹10000 के 500 करोड बन जाने की| एक गाओ वाला था -नाम मोहम्मद अनवर अहमद, आमानेर नाम की जगह मैं रहता था जोकि जलगांव डिस्ट्रिक्ट,महाराष्ट्रा मे पढ़ती है| वे चार भाई थे और वो उनमे से सबसे छोटे थे| उनके पिता एक किसान थे जिनके पास खेत का एक बहुत बड़ा हिस्सा था| यह 1970 की बात है| 10 साल बाद यानी 1980 में उनके पिता की बेवक़्त मृत्यु के कारण पूरे परिवार की हालत खराब होने लगी| जिसकी वजह से उन चारों भाइयों को वह खेत का हिस्सा बेचना पड़ा| वह खेत 80000 रुपय का बिका और हर एक भाई के हिस्से में ₹20000 आए|

बंटवारे के बाद उन चारों भाइयों के रास्ते अलग हो चुके थे तो क्योंकि मोहम्मद ने अपनी सारी जिंदगी खेती करी थी इसलिए उसे समझ नहीं आ रहा था कि वे अपने लिए कौन सा रास्ता चुने| उसके बाकी भाइयो मे से एक ने अपने गांव को छोड़ दिया था और बाकी दोनों ने वहीं दुकान खोल ली |

अब 1947 में विप्रो लिमिटेड के संस्थापक और फिलंतरोपिस्ट अज़ीम प्रेमजी के पिता मोहम्मद हुसैन जी ने अपनी कंपनी की पहली फैक्ट्री लगाई थी जोकि -शाकाहारी घी, वनस्पति और रिफाइंड तेल बनाती थी |यह तब वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट लिमिटेड<और यही फुल फॉर्म भी हैं विप्रो की> कहलाती थी |

मोहम्मद अनवर गांव में ही एक चाय की तपरी लगाता था| तभी एक दिन एक स्टॉक ब्रोकर मुंबई से आया- उसका नाम सतीश शाह था वो उसकी दुकान पे रुका क्योंकि उसको एक सवाल पूछना था| तब मोहम्मद को यह नहीं पता था कि इस मुलाकात से उसकी जिंदगी बदलने वाली हैं| सतीश शाह- अपने क्लाइंट के लिए उस कंपनी के जितने हो सके उतने शेयर लेने आया था|

लेकिन क्या आपको पता है कि सतीश शाह ने क्या सवाल किया- उसने पूछा कि -क्या आप ऐसे किसी को जानते हो जिसके पास उस फैक्ट्री के शेयर हौं? उसने उस फॅक्टरी की तरफ उंगली करके पूछा|

अनवर ने सतीश को बताया की फैक्ट्री का मालिक फैक्ट्री में ही रहता है| बातो का सिलसिला आगे बड़ा और अगले 15 मिनट में सतीश ने मोहम्मद को समझाया कैसे शेयर खरीद के आप कंपनी के मालिक बन सकते हैं| सतीश की बाते मोहम्मद को काफी दिलचस्प लगी और वह मीटिंग 30 मिनट और चली|

मोहम्मेद ने सतीश को उसके शेयर खरीदने में मदद की------------हर उस गांव वाले से मिलाकर जो भी उस कंपनी के शेयर बेचना चाहता हो< क्योंकि गांव में तो सब एक दूसरे को जानते होते हैं>और तो और उसने अपने लिए भी विप्रो के 100 शेयर खरीदे जो कि उस समय ₹100 का एक था और इस तरीके से उसने अपने ₹20000 मे से जो कि उसे शुरू में मिले थे 10000 का निवेश कर दिया और बाकी के 10000 में से उसने एक ट्रेडिंग बिजनेस चालू कर दिया|

तब से वह अपने आपको विप्रो का मालिक समझने लग गया और खुद से वादा किया कि जब तक अजीम प्रेमजी विप्रो के मालिक हैं तब तक वह अपना एक भी शेयर नहीं बेचेगा और रही बात की आख़िर कैसे 10,000 हज़ार - 500 करोड़ मैं बदले तो मैं आपको बताडू की यह संभव हो पाया बोनस और स्प्लिट शेयर की वजह से|

2017–1:1————————————————————— - ——-1,92,00,000

<बोनस-यानी वो शायर जो कंपनी आपको मुफ़्त मैं देती हैं|

स्प्लिट-यानी जब कंपनी अपने शेयर के हिस्से कर देती हैं|>

<इन्हे डीटेल मैं नही बता रहा क्योंकि फिर जवाब लंबा हौं जाएगा लकिन अगर फिर भी आपको इनके बारे मैं जानना हैं तो आप मेरे बाकी के जवाब पढ़ सकते हैं>

और इन सब क अलावा उन्हे कंपनी से 100 करोड़ से ज़्यादा डीवीडेंड भी मिल चुका हैं अभी तक|

वे अब रिटायर हो चुके है और कंपनी से जो भी डिविडेंड मिलता है उसे दिल खोल के डोनेट करते हैं | उनके बच्चे जो विदेश में पढ़ते हैं उन्हें कहते रहते शेयर बेचने के लिए लेकिन वो वही बात कहते हैं की जब तक अज़ीम प्रेमजी कंपनी के मालिक हैं तब तक मैं- कंपनी का एक भी शेयर नही बेचुँगा|

इस कहानी से हुमने क्या सीखा-सब्र और खुद पर भरोसा- ज़िंदगी मैं और मार्केट मैं बोहोत ज़रूरी हैं|

Source : सिद्धार्थ पिसे

Wednesday, December 2, 2020

वॉरेन बफे की सर्वश्रेष्ठ निवेश सलाह क्या है?

उनके किताबों से पढ़े हुए कुछ बिंदु जो आप उनके सलाह मान सकते हैं जो शेयर मार्केट में निवेशकों के लिए बहुत ही लाभप्रद हैं।

1. बांड की तुलना में स्‍टॉक में निवेश करना ज्‍यादा फायदेमंद होता है। उनकी नजर में अमेरिका और कोरिया में आप दांव लगा सकते हैं क्‍योंकि इन दोनों देशों में तेजी रहेगी। हालांकि अमेरिकी डॉलर पर उनकी राय अच्‍छी नहीं है।
2. निवेश करने से पहले यह जानें कि जिस कंपनी में आप पैसा लगाने जा रहे हैं उसका प्रबंधन कैसा है। उसका कारोबार क्‍या है। आप जिस दाम पर शेयर खरीद या बेच रहे हैं क्‍या वह उचित भाव है। उचित कीमत को अनुभव से ही मालूम किया जा सकता है।
3. खूब पढ़ो, जमकर पढ़ो। खुद वारेन बफेट अपना 75 फीसदी समय पढ़ने में गुजारते हैं। शेयर बाजार, निवेश, अर्थव्‍यवस्‍था, राजनीति यानी सब कुछ पढ़ो और इनका विश्‍लेषण करो।

4. लंबी अवधि के लिए निवेश करो। यह अवधि वे 10/15 साल मानते हैं। वारेन बफेट के पास 1989–81 में जारी कोका कोला के शेयर हैं तो एक शेयर भी वे नहीं बेचते। दैनिक कारोबार को वे सही नहीं मानते।
5. शेयर या बांड ऐसी कंपनी का होना चाहिए जो अपने उद्योग या सेवा में नबंर वन हो, वह अनोखी हो, मुनाफा कमा रही हो और उसका आकार बड़ा हो।
6. बाजार में गेम्बलिंग न करें यानी किसी बात की पक्‍की जानकारी न हो तो उस कंपनी पर इसलिए दांव न खेलें कि आपके पास पैसा है और उसे निवेश करना है। यह न सोचें कि चलो बाद में देखेंगे एक बार तो रिस्‍क ले लिया। आपको कोई चीज पता नहीं हो तो किसी से सलाह ले लें।

धन्यवाद

Tuesday, December 1, 2020

शेयर बाजार में ऑपरेटर्स द्वारा रिटेल निवेशकों को किस प्रकार लूटा जाता है ?

आज मैं उदाहरण सहित यह सिद्ध करने की कोशिश करूंगा कि रिटेल निवेशक शेयर बाजार में ऑपरेटर्स के हाथों कैसे लूटता है और सबसे बड़ी बात यह है कि रिटेल निवेशक को फिर भी यही लगता रहता है कि यह सब तो प्राकृतिक तथा सामान्य है।

मेरे व्यक्तिगत विश्लेषण के अनुसार मैं शेयर मार्केट के ऑपरेटर्स को दो भागों में बांट देता हूं -

  1. छोटे ऑपरेटर्स
  2. बड़े ( असली ) ऑपरेटर्स

अब जरा इनके द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली की चर्चा करते हैं -

  1. छोटे ऑपरेटर्स -

ये सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों के एक बहुत बड़े समूह की कॉन्टेक्ट डीटेल्स का पता लगाते हैं।

फिर टेलीग्राम, वाट्सएप की सहायता से ये रिटेल निवेशकों को फ्री टिप्स देना शुरू करते हैं।

आपको टेलीग्राम पर बहुत सारे ऐसे चैनल मिल जाएंगे जो लोगों को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के फ्री लाइव टिप्स प्रदान करते हैं। और इनमें से बहुत सारे चैनलों के तो 1–1 लाख से ऊपर सब्सक्राइबर है।

अब मैं इनकी कार्यप्रणाली का वर्णन करता हूं -

माना कि सुबह 9:00 बजे शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होता है, अतः लगभग 10 बजे ये ऑपरेटर लोग एक विशेष कंपनी के बहुत सारे शेयर इंट्रा-डे ट्रेडिंग के लिए खरीद लेते हैं ( इंट्रा-डे ट्रेडिंग में मिलने वाले एक्स्ट्रा मार्जिन के बल पर हम हमारे पास उपलब्ध पैसों के 20 गुना ज्यादा तक के शेयर खरीद सकते हैं )।

माना कि पहले शेयर की रेट 400 रूपए चल रही थी अतः इन्होंने जब बहुत सारे शेयर खरीदे तो शेयर के भावों में थोड़ी तेजी आई क्योंकि डिमांड-सप्लाई के सिद्धांत के आधार पर ऐसा होता है। और समझने के लिए माना कि शेयर की कीमत 400 से बढ़कर 405 रूपए हो गई।

अतः इन ऑपरेटर लोगों ने बहुत सारे शेयर 400 से लेकर 405 तक के भावों में खरीद लिए जाते हैं।

उसके बाद ये अपने सारे टेलीग्राम, वाट्सएप, ईमेल आदि के माध्यम से रिटेल निवेशकों के एक बहुत बड़े समूह को यह सलाह देते हैं कि आप लोग इस शेयर को जल्दी से खरीद लीजिए। ये बहुत ऊपर जाने वाला है तथा आपको इससे बहुत फायदा होगा।

अब जितने लोगों को इन्होंने यह शेयर खरीदने की सलाह दी, उससे आधे लोग भी अगर इस कंपनी के थोड़े थोड़े शेयर खरीदते हैं तो भी बहुत बड़ी संख्या में शेयर की खरीद के ऑर्डर लगते हैं जिसकी वजह से शेयर की कीमत में एकाएक ही एक उछाल आता है तथा शेयर की कीमत 405 से बढ़कर 408–409 तक पहुंच जाती है और रिटेल निवेशकों में से अधिकांश निवेशकों को शेयर उसी भाव पर मिलता है लगभग 408–409 पर।

अब जैसे ही शेयर की कीमत 409 के आसपास जाती है तो ऑपरेटर अपने सारे शेयर धीरे-धीरे बेचना शुरू करता है तथा शेयर की कीमत देखते ही देखते 405 के आसपास आ जाती है और इस प्रकार 405 से 410 के बीच ऑपरेटर अपने सारे शेयर बेचकर निकल लेता है।

अब चूंकि शेयर की कीमत में आने वाली ये तेजी प्राकृतिक तो थी नहीं, जबकि इसे कृत्रिम रूप से ऑपरेटर्स द्वारा बनाया गया था अतः यह तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिकती और क़ीमत वापिस 400 के आसपास आ जाती है।

ऑपरेटर ने अपने शेयर 400–405 में खरीदे तथा 405–410 में बेच दिए अतः उसने तो अपनी रोटी सेंक ली जबकि बेचारे सीधे साधे रिटेल निवेशकों की नैया डूब गई।

अतः इस प्रकार ये ऑपरेटर्स बड़ा पैसा कमा लेते हैं।

" इनसे बचने के लिए हमें हमारे नॉलेज को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि फर्जी टिप्स के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई गंवानी न पड़े ।"

2. असली ( बड़े ) ऑपरेटर्स -

इस प्रकार के ऑपरेटर्स वो लोग होते हैं जिनके पास शेयर मार्केट का काफी अनुभव होता है, इनके पास बहुत सारे पैसे होते हैं तथा इनकी पहुंच भी बहुत ऊंची होती है और कंपनी का मालिक भी इनमे शामिल हो सकता है।

आइए इनकी कार्यप्रणाली को समझते हैं -

ये सबसे पहले एक पैनी स्टोक ( जिसकी कीमत लगभग 20 रूपए से कम होती है ) का पूरा एनालिसिस करते हैं।

ये इस प्रकार की कंपनी का चयन करते हैं जिसका मार्केट कैप बहुत कम हों, अर्थात एक स्माल कैप कंपनी हों ताकि शेयर की कीमत को नचाना इनके लिए आसान हो जाएं।

माना इन्होंने एक शेयर का चयन किया जिसकी कीमत 2 रूपए है तथा उस कंपनी के 10 करोड़ शेयर मार्केट में उपलब्ध है।

सबसे पहले ये उस कंपनी के 90 से 95 प्रतिशत शेयर खुद खरीद लेते हैं या अपने जानकारों, रिश्तेदारों, मित्रों आदि को खरीदवा देते हैं तथा कुछ समय के लिए होल्ड करके रखते हैं।

चूंकि इन लोगों ने उस कंपनी के अधिकांश शेयर खरीद लिए अतः शेयर के भाव में वृद्धि होनी तो तय है क्योंकि अचानक से शेयर की डिमांड बढ गई है।

इससे उस शेयर की कीमत बढ़कर माना 4 रूपए हो जाती है।

अब ये लोग 1–2 न्यूज चैनल वालों से संपर्क करते हैं तथा उनको कुछ पैसे देकर दर्शकों को यह न्यूज दिखाई जाती है कि अमुक शेयर आने वाला मल्टीबैगर शेयर बन सकता है तथा इसका भविष्य बहुत अच्छा है, कंपनी के फंडामेंटल्स अच्छे हैं, फलां फलां ……

इस प्रकार ये रिटेल निवेशक के मन में यह विश्वास पैदा कर देते हैं कि यह शेयर आने वाले समय में बहुत अच्छा रिटर्न देगा।

इसके अलावा ये उस कंपनी के मालिक से भी संपर्क बनाकर उसको कुछ पैसे का लालच देकर उससे यह ट्वीट करवा देते हैं कि कंपनी आने वाले समय में अच्छे अच्छे प्रोजेक्ट्स बग़ैरा लांच करने जा रही है तथा हम अपनी कंपनी का विस्तार करने वाले हैं।

चूंकि कंपनी का मालिक भी वैसे ही घाटे से जूझ रहा होता है ( शेयर की कीमत 2 रूपए है तो मालिक तो घाटे में ही होगा ) अतः कंपनी का मालिक भी थोड़े पैसे कमाने के लालच में आकर इस खेल में शामिल हो जाता है )

जब रिटेल निवेशक लगातार इस प्रकार की खबरें देखता है तो वह इनकी बातों में आकर अपनी खून पसीने की कमाई को इस कंपनी के शेयर खरीदने में लगा देता है।

चूंकि मार्केट में पहले से ही उस कंपनी के शेयर कम होते हैं ( क्योंकि अधिकांश शेयर ऑपरेटर्स ने पहले ही खरीद लिए ), तथा सभी रिटेल निवेशक जब उस शेयर को खरीदने की कोशिश करते हैं तो शेयर की कीमत और बढ़ती है ( डिमांड ज्यादा-सप्लाई कम )

और शेयर की कीमत इस प्रकार 4 से बढ़कर 6 रूपए आ जाती है।

अब जिन रिटेल निवेशकों ने इस शेयर को नहीं खरीदा था वो मन ही मन खुद को कोसते हैं क्योंकि उनकी नजरों के सामने 2 रूपए का शेयर 6 रूपए का हो गया है।

अतः समस्त रिटेल निवेशकों को ऐसा लगता है कि "अभी नहीं तो कभी नहीं"

और लोग 6 रूपए में भी इसको खरीद लेते हैं।

इससे शेयर की कीमत 8 रूपए हो जाती है और इस समय ऑपरेटर्स अपने शेयरों को थोड़ी थोड़ी मात्रा में बेचना शुरू करते हैं, क्योंकि एक बार में ज्यादा बेचने से क़ीमत मंदी हों सकतीं हैं और रिटेल निवेशकों का उत्साह कम हो सकता है अतः ऑपरेटर्स अपना काम स्मार्टलि करते हैं।

चूंकि ऑपरेटर्स अपने शेयर धीरे-धीरे निकालता है तथा बाजार में शेयर की मांग बहुत अधिक होती है अतःशेयर की कीमत अभी भी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और फिर शेयर की कीमत 12 रूपए तक जाते जाते ऑपरेटर्स अपने सारे शेयर बेच देते हैं तथा न्यूज चैनल वालों का पैमेट कर देते हैं जिन्होंने उनके मिशन को कामयाब बनाने में सहायता की।

जब ऑपरेटर्स अपने सारे शेयर बेचकर निकल जाता है तो फिर शेयर की कीमत धीरे-धीरे कम होने लगती है क्योंकि अब लोगों को समझ में आने लगता है कि कंपनी अभी भी कंगाली के दौर से गुज़र रही है और कोई भी उस शेयर को खरीदने के लिए तैयार नहीं होता अतः शेयर हमेशा लॉअर सर्किट में पड़ा रहता है और वापस उसी रेट 2–3 रूपए पर आ जाता है।

जिन निवेशकों ने 4 से लेकर 12 रूपए तक खरीदा था उनको सबको भारी नुक़सान का सामना करना पड़ता है और ऑपरेटर्स अपनी जेबें भर लेते हैं।

" इसीलिए हमें पैनी स्टोक खरीदते समय चौकन्ना होकर काम करना चाहिए ।"

इसीलिए बड़े बड़े निवेशक ब्लू चिप कंपनियों में निवेश करने की सलाह देते हैं क्योंकि इन कंपनियों को इतनी आसानी से ऑपरेटर्स द्वारा नियंत्रित करना संभव नहीं है ।

नोट - मैंने कॉन्सेप्ट को समझने के लिए कुछ आसान काल्पनिक उदाहरणों का प्रयोग उत्तर में किया है, वास्तविक उदाहरणो की स्थिति इनसे अलग भी हो सकती है अतः आपसे निवेदन है कि संख्याओं पर ज्यादा ध्यान न देकर मुख्य पॉइंट् को समझने का कष्ट करें।

"""अब इतना पढ़ने के बाद आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि हम अगर टिप्स न लें तो और करें क्या ???

क्योंकि हमने तो थोड़े दिन पहले ही निवेश करना शुरू किया है तथा हमें खुद से एनालिसिस करना अभी आता नहीं है, तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि एक प्राचीन कहावत बहुत प्रसिद्ध है - KNOWLEDGE IS POWER

और यह कहावत आज़ भी चलती है और आगे भी चलतीं रहेगी, अर्थात आप ज्यादा से ज्यादा शेयर मार्केट के बारे में सीखने की कोशिश कीजिए क्योंकि यहां कोई एक दिन का काम तो हैं नहीं कि हम टिप्स लेकर निवेश करके अमीर बन जाएंगे, क्योंकि हमें कभी न कभी सीखना शुरू तो करना पड़ेगा और सीखी हुई चीज हमेशा मरते दम तक 

Source : कोजा राम

किसी शेयर में निवेश करने के पहले किन बातों को जानना बहुत जरुरी होता है?

मैं लंबे समय से यह लिखना चाहता था। वास्तव में शेयरों में विश्लेषण और निवेश करने के कई तरीके हैं। स्टॉक लेने के बारे में जाने के लिए कोई मानक प्रक्रिया नहीं है और इसमें उच्च स्तर की विषयवस्तु शामिल है। सबके अपने-अपने तरीके हैं। यह सवाल नहीं है कि यह अच्छा है या बुरा, हर कोई अपने तरीके से सही है। जैसे वे कहते हैं, प्रत्येक अपने स्वयं के लिए!

हालाँकि, मैं आप सभी के साथ निवेश के लिए स्टॉक को शॉर्टलिस्ट करने का एक बहुत ही सरल और प्रभावी तरीका साझा कर रहा हूँ। मैं इसे सबसे आसान तरीके से समझाने की कोशिश करूंगा ताकि यह सभी को समझ में आ जाए, भले ही वे वित्त पृष्ठभूमि से न हों। तो अब हम शुरू करें!

इसे एक उदाहरण के रूप में देखें-

मैंने जो कुछ किया है, मैंने अपने विश्लेषण और स्पष्टीकरण के लिए मीडिया क्षेत्र से कुछ अच्छे शेयरों को चुना है। हम केवल संख्याओं से निपटने जा रहे हैं क्योंकि संख्याएँ झूठ नहीं हैं! जैसा कि मैंने पहले कहा था, कोई मानक प्रक्रिया नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से आपको निवेश के क्षेत्र में आरंभ करने में मदद करेगा। यहां तक ​​कि अगर आप स्टॉक का विश्लेषण करने के लिए इन मापदंडों का उपयोग करते हैं, तो आप किसी भी क्षेत्र से अच्छी गुणवत्ता वाले स्टॉक लेने में सक्षम होंगे।

एक अच्छी कीमत पर ध्वनि मूल सिद्धांतों के साथ एक गुणवत्ता स्टॉक लेने का विचार है! यह खेल है। बहुत सारे स्टॉक हैं जो हमें उनमें निवेश करने का अवसर देते रहते हैं। इस तरह के अवसरों को भुनाना हमारे ऊपर है।

मैं इन 6 मापदंडों को ध्यान में रखते हुए शेयरों में निवेश करना चाहता हूं।

पीई अनुपात (मूल्य-कमाई अनुपात)

52 सप्ताह कम / 52 सप्ताह उच्च

ROE (इक्विटी पर वापसी)

आरओसीई (पूंजी नियोजित पर लौटें)

ICR (ब्याज कवरेज अनुपात)

PBV (मूल्य बुक करने के लिए मूल्य)

हम उपरोक्त मापदंडों पर स्टॉक का विश्लेषण करेंगे और फिर देखेंगे कि निवेश करने के लिए सबसे अच्छा स्टॉक कौन सा है! मैं अब प्रत्येक और हर पैरामीटर पर विस्तार से चर्चा करूंगा।

मैंने अपने विश्लेषण के लिए मीडिया क्षेत्र से निम्नलिखित शेयर लिए हैं।

सन टेलीविजन

ज़ी एंटरटेनमेंट

TV18 प्रसारण

पीवीआर

आईनॉक्स लीजर

वे सभी मीडिया क्षेत्र से संबंधित हैं। उपरोक्त मापदंडों के आधार पर इन शेयरों का विश्लेषण करें और देखें कि अब कौन सा निवेश करना अच्छा लगता है!

भाग ए: पीई अनुपात

मैं यहाँ सूत्र पर चर्चा नहीं कर रहा हूँ बल्कि हम देखेंगे कि अनुपात का क्या अर्थ है और हम अपने विश्लेषण में इसे कैसे लागू करते हैं।

पीई अनुपात का मतलब है कि कंपनी के प्रत्येक 1 रुपये की कमाई के लिए मूल्य निवेशक भुगतान कर रहा है। आइए ऊपर उल्लिखित कंपनियों के पीई को देखें और मीडिया उद्योग पीई के साथ इसकी व्यक्तिगत पीई की तुलना करें। जब हम उद्योग पीई के साथ व्यक्तिगत पीई की तुलना करते हैं, तो हमें पता चलेगा कि कौन से स्टॉक का मूल्यांकन नहीं किया गया है या कौन सा स्टॉक ओवरवैल्यूड है या कौन सा स्टॉक काफी मूल्यवान है। अब, उल्लिखित सभी स्टॉक अच्छे स्टॉक हैं। लेकिन हमें किस शेयर में दिलचस्पी होनी चाहिए? स्पष्ट रूप से वह स्टॉक जो वर्तमान में अंडरवैल्यूड है और इसमें भविष्य की अच्छी संभावनाएं हैं।

नीचे इस छवि की सहायता से उपरोक्त विश्लेषण करते हैं:

(स्रोत: मनीकंटोल ऐप)

स्टैंडअलोन आंकड़ों के बजाय समेकित आंकड़ों को देखने की कोशिश करें। समेकित आंकड़े समूचे समूह को समग्र रूप से परिणाम देते हैं। यदि किसी कंपनी में सहायक या सहयोगी हैं, तो कंपनी को समेकित वित्तीय विवरण तैयार करना होगा। यदि किसी कंपनी के पास कोई सहायक या सहयोगी नहीं है, तो यह केवल स्टैंडअलोन वित्तीय विवरण तैयार करता है।

हमने सन टीवी को छोड़कर सभी के लिए आंकड़े समेकित किए हैं। इसलिए सन टीवी के लिए, हम स्टैंडअलोन आंकड़ों पर विचार करेंगे। दूसरों के लिए, समेकित।

उद्योग पीई पर एक नजर है। मीडिया क्षेत्र का उद्योग पीई 22.66 है। इसका क्या मतलब है? अगर मीडिया क्षेत्र से संबंधित कंपनी 1 रुपये कमाती है, तो निवेशक स्टॉक खरीदने के लिए 22.66 भुगतान करने को तैयार है।

अब, सभी शेयरों के व्यक्तिगत पीई को देखें और यह निर्धारित करने के लिए उद्योग पीई के साथ तुलना करें कि कौन सा मूल्यांकन नहीं है।

सबसे कम पीई वाला स्टॉक वह है जो अंडरवैल्यूड है। वह स्टॉक सन टीवी है जिसमें 15.58 का पीई है और उसके बाद ज़ी टीवी है जिसका पीई 22.81 है

उच्चतम पीई पीवीआर की है जो 45.81 है। इसका मतलब है कि पीवीआर अब ओवरवैल्यूड है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह खरीदने के लिए एक अच्छा स्टॉक नहीं है। याद रखें कि मैंने ऊपर क्या कहा था। हम एक स्टॉक खरीदते हैं जो अंडरवैल्यूड है और इसमें अच्छा उल्टा है।

क्या हम किसी शेयर को केवल पीई पर देखकर शून्य कर सकते हैं? नहीं।

अन्य 5 पैरामीटर हैं जिन्हें अब हमें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांचना होगा।

भाग बी: 52 सप्ताह कम

52 सप्ताह कम और उच्च आमतौर पर समर्थन और प्रतिरोध के रूप में कार्य करता है। स्टॉक के बारे में कुछ नकारात्मक खबरें आई होंगी, जिसके कारण इसकी कीमत गिर गई और एक नया स्तर बना। इसके 52 सप्ताह के उच्च स्तर के लिए, जो शायद कुछ सकारात्मक समाचारों के कारण हो सकता है।

मैं इसे एक स्टॉक खरीदने के अवसर के रूप में देखता हूं जो कि इसका मूल्यांकन नहीं किया गया है और इसके 52 सप्ताह के करीब है, बशर्ते इसके फंडामेंटल ध्वनि हैं।

आइए ऊपर उल्लिखित सभी शेयरों के 52 सप्ताह के निचले स्तर को देखें, जो कि वर्तमान बाजार मूल्य भी है।

स्टैंडअलोन आंकड़ों के बजाय समेकित आंकड़ों को देखने की कोशिश करें। समेकित आंकड़े समूचे समूह को समग्र रूप से परिणाम देते हैं। यदि किसी कंपनी में सहायक या सहयोगी हैं, तो कंपनी को समेकित वित्तीय विवरण तैयार करना होगा। यदि किसी कंपनी के पास कोई सहायक या सहयोगी नहीं है, तो यह केवल स्टैंडअलोन वित्तीय विवरण तैयार करता है।

हमने सन टीवी को छोड़कर सभी के लिए आंकड़े समेकित किए हैं। इसलिए सन टीवी के लिए, हम स्टैंडअलोन आंकड़ों पर विचार करेंगे। दूसरों के लिए, समेकित।

उद्योग पीई पर एक नजर है। मीडिया क्षेत्र का उद्योग पीई 22.66 है। इसका क्या मतलब है? अगर मीडिया क्षेत्र से संबंधित कंपनी 1 रुपये कमाती है, तो निवेशक स्टॉक खरीदने के लिए 22.66 भुगतान करने को तैयार है।

अब, सभी शेयरों के व्यक्तिगत पीई को देखें और यह निर्धारित करने के लिए उद्योग पीई के साथ तुलना करें कि कौन सा मूल्यांकन नहीं है।

सबसे कम पीई वाला स्टॉक वह है जो अंडरवैल्यूड है। वह स्टॉक सन टीवी है जिसमें 15.58 का पीई है और उसके बाद ज़ी टीवी है जिसका पीई 22.81 है

उच्चतम पीई पीवीआर की है जो 45.81 है। इसका मतलब है कि पीवीआर अब ओवरवैल्यूड है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह खरीदने के लिए एक अच्छा स्टॉक नहीं है। याद रखें कि मैंने ऊपर क्या कहा था। हम एक स्टॉक खरीदते हैं जो अंडरवैल्यूड है और इसमें अच्छा उल्टा है।

क्या हम किसी शेयर को केवल पीई पर देखकर शून्य कर सकते हैं? नहीं।

अन्य 5 पैरामीटर हैं जिन्हें अब हमें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांचना होगा।

भाग C: ROE / ROCE

इक्विटी पर रिटर्न का मतलब है कि पूंजी पर कंपनी द्वारा अर्जित रिटर्न केवल इक्विटी शेयरधारकों द्वारा योगदान दिया जाता है। बेहतर बेहतर है। इससे यह भी पता चलता है कि इक्विटी शेयरधारक का पैसा कंपनी द्वारा कितना उपयोग किया जाता है।

नियोजित पूंजी पर रिटर्न का मतलब है कि कंपनी द्वारा पूंजी पर अर्जित रिटर्न इक्विटी शेयरधारक और डेबथ फोल्डर (ऋण, कंपनी द्वारा लिया गया ऋण आदि) द्वारा योगदान दिया जाता है। यह कंपनी द्वारा अपने व्यवसाय में लगाया गया कुल पूंजी है और केवल इक्विटी पूंजी के रूप में नहीं। आरओई का मामला।

दोनों, बेहतर उच्च। इसके अलावा, जो मैं देख रहा हूं वह आरओई और आरओसीई दोनों की पिछले 5 वर्षों की प्रवृत्ति है। उतार-चढ़ाव ठीक है जब तक कि बहुत अधिक विचलन न हो जिसे आगे और गहन विश्लेषण की आवश्यकता होगी।

यहां, मैं एक विशिष्ट प्रतिशत की तलाश नहीं करता, बल्कि मैं निरंतरता की तलाश करता हूं

आइए, उपरोक्त कंपनियों के ROE और ROCE पर नज़र डालें।

मैंने ज़ी और सन के लिए 2014-2018 पर विचार किया है क्योंकि ऐसा लग रहा है कि उन्होंने 2019 के लिए अपने परिणाम घोषित नहीं किए हैं।

सन टीवी पिछले 5 वर्षों से लगातार ROE और ROCE बनाए हुए है।

इसके अलावा, यह आरओई और आरओसीई प्रतिशत और स्थिरता दोनों के मामले में पीवीआर, आईनॉक्स और टीवी 18 से अधिक है।

जब ज़ी टीवी की बात आती है, तो इसके आरओई में गिरावट है लेकिन आरओसीई में एक स्वस्थ वृद्धि है।

ज़ी टीवी के लिए आरओई में मामूली गिरावट के कारण, इस स्तर पर, ज़ी टीवी की तुलना में सन टीवी थोड़ा आगे है।

भाग 4: ब्याज कवरेज अनुपात (ICR)

स्टॉक पिकिंग की बात आती है तो यह बहुत महत्वपूर्ण है। वास्तव में, यह पहली चीज है जिसे मैं अन्य कारकों को देखने से पहले देखता हूं। यदि आईसीआर मजबूत है, तो अधिक बार नहीं, स्टॉक वास्तव में अच्छा निकला।

आईसीआर का मतलब आमतौर पर कंपनियों को अपनी ब्याज (ऋण पर ब्याज की अदायगी) दायित्वों को चुकाने की क्षमता होती है। अधिक बेहतर है। एक कंपनी इसे ब्याज के दायित्वों को पूरा कर सकती है बशर्ते इसमें ब्याज और करों से पहले अच्छी कमाई हो।

आपके साथ बयाना विवरण निकालने के लिए साझा करना:

आपके साथ बयाना विवरण निकालने के लिए साझा करना:

जहां EBIT ब्याज और करों से पहले की कमाई के अलावा कुछ नहीं है

ईबीटी ब्याज का भुगतान करने के बाद कर से पहले की कमाई है और

पीएटी टैक्स के बाद लाभ है, ब्याज और कर का भुगतान करने के बाद लाभ।

उच्च EBIT, उच्च ICR होगा। EBIT को ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी कहा जाता है, ब्याज और टैक्स कमिटमेंट से पहले कंपनी अपने बिजनेस ऑपरेशंस से कमाती है।

आइए, उपरोक्त कंपनियों की ICR पर एक नज़र डालें:

यहाँ भी मैं पिछले 5 वर्षों के रुझान को देखता हूँ!

सन टीवी देखो। २०१४ (-14.07) में एक नकारात्मक ICR होने से 2018 में १५1०.४१ रहा।

ज़ी टीवी के आईसीआर में कमी आई है (हालांकि अभी भी सकारात्मक) जिसका अर्थ है कि इसकी लाभप्रदता कम हो गई होगी, जिससे आईसीआर कम हो जाएगा।

सभी पैरामीटर स्पष्ट रूप से सन टीवी के पक्ष में हैं।

भाग 5: मूल्य बुक मूल्य (PBV अनुपात)

बुक वैल्यू और कुछ नहीं बल्कि कंपनी में शेयरहोल्डर्स की कीमत है। बैलेंस शीट की देयता पक्ष पर, आपको इक्विटी शेयर पूंजी और भंडार दिखाई देगा। यदि आप इक्विटी शेयर पूंजी और भंडार को जोड़ते हैं, तो यह कंपनी में शेयरधारकों के लायक कुछ भी नहीं है। इसलिए बुक वैल्यू = शेयरधारकों का पैसा (उनके द्वारा योगदान की गई पूंजी + मुनाफे से बाहर भंडारित धन)

तो मूल्य बुक करने की कीमत का मतलब आमतौर पर उस कीमत का होता है जो एक निवेशक को कंपनी में 1 रुपये मूल्य के लिए भुगतान करना पड़ता है

यह पीई के समान है जहां पीई कुछ भी नहीं है लेकिन एक निवेशक को कंपनी की 1 रुपये की कमाई के लिए भुगतान करना पड़ता है

पीई में, यह कमाई है PBV में, यह मूल्य है पीई की तरह बेहतर कम करें

निष्कर्ष निकालने से पहले आइए कंपनियों के PBV पर एक नजर डालते हैं

PBV , TV18 के लिए अच्छा है। लेकिन, यदि आप सन टीवी के पीबीवी को देखते हैं, तो यह बढ़ गया है लेकिन यह मामूली है। सिर्फ इसलिए कि एक पैरामीटर स्टॉक का पक्ष नहीं लेता है, यह एक बुरा निवेश नहीं करता है।

अब, एक निष्कर्ष पर आ रहा है, उपरोक्त सभी कारकों पर विचार करते हुए, यह बहुत स्पष्ट दिखता है कि सन टीवी स्टॉक है जो सभी बक्से को टिक करता है।

मैं इसे तब तक धारण करूंगा जब तक कि स्टॉक 52 सप्ताह के उच्च स्तर के करीब नहीं आ जाता। सन टीवी का 52 सप्ताह का उच्चतर 968 है।

अस्वीकरण: यह उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर एक सिफारिश मात्र है। मैं आपके लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं हूँ।

इन मापदंडों को सीखने और निवेश के साथ शुरू करने के लिए पर्याप्त से अधिक हैं। बेशक, बहुत सारे अन्य कारक भी हैं जो मैं एक विशेष स्टॉक में निवेश करने से पहले विचार करता हूं जिसे मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूं।

मैंने एक सेक्टर लिया है और स्टॉक पर निर्णय लेने से पहले उपरोक्त मापदंडों के आधार पर शुरू से अंत तक इसका विश्लेषण करने की कोशिश की है।

मुझे आशा है कि आप समझने में सक्षम थे। मैंने इसे सरल रखने की कोशिश की है और सभी 5 मापदंडों को कवर करने वाले उदाहरणों के साथ भी।

आप किसी भी क्षेत्र को ले सकते हैं और उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर विश्लेषण करने का प्रयास कर सकते हैं


Source : Ajeet Dholkia

Saturday, November 28, 2020

राकेश झुनझुनवाला जैसा पैसा कैसे कमा सकते है?

1) कैपिटल(capital):

पैसा बनाने के लिए आपको पैसे की आवश्यकता होती है, यह कई मामलों में सही नहीं हो सकता है लेकिन शेयर बाजार के मामले में आपको नायक से शून्य बनने या सफल अरबपति निवेशक बनने के लिए बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है।

लेकिन एक और बड़ी बात यह है कि पूंजी को भी बनाया जा सकता है। यही राकेश झुनझुनवाला ने किया है। कैसे वह 5,000 रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ कुछ हजार करोड़ रुपये की शुद्ध पूंजी के साथ चला गया है, अब शहरी कथा का सामान है।

राकेश झुनझुनवाला ने अपने एक साक्षात्कार में कहा, “मेरे पास कोई पूंजी नहीं थी जब मैं बाजारों में आया था, और कोई पिता उपहार नहीं और कोई ससुर उपहार नहीं। इसलिए मुझे निवेश करने के लिए पूंजी अर्जित करनी थी। यदि आपके पास पूंजी नहीं है तो आप कैसे निवेश करेंगे? और मैंने भविष्य में ट्रेडिंग करके पूंजी प्राप्त की। ”

1985 में जब राकेश झुनझुनवाला ने 5,000 रुपये की शुरुआत की थी, तब कहा गया था कि निवेश के लिए अच्छी पूंजी है। आज आपको शेयर बाजार में निवेश शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी के रूप में कम से कम 2-3 लाख की आवश्यकता है।

2)ज्ञान(नॉलेज):

प्रत्येक व्यवसाय या नौकरी के लिए आज की दुनिया में आपको प्रासंगिक अनुभव और कौशल की आवश्यकता है। ज्ञान और अनुभव के बिना किसी को अच्छी नौकरी नहीं मिल सकती है या वह अच्छा व्यवसाय स्थापित नहीं कर सकता है। निवेश के मामले में भी यही सच है |

राकेश झुनझुनवाला की तरह सफल बनने के लिए आपको विशिष्ट ज्ञान और कौशल की आवश्यकता होती है।

राकेश झुनझुनवाला ने कहा “बाजार पैसे के बारे में हैं, लेकिन बाजार ज्ञान के बारे में भी हैं। बाजार भी अहं के बारे में हैं; बाजार भी सही साबित होने की संतुष्टि के बारे में हैं। खासकर, जब वह अधिकार एक मूल विचार से हो न कि किसी निर्देशित स्रोत से या किसी का अनुसरण करने से। ”

आपको शेयर बाजार में निवेश करने से पहले बहुत सारे शोध, बहुत सारे डेटा एकत्र करने है और बहुत सारे ज्ञान संचय करने की आवश्यकता है।

3) सही समय सही निर्णय:

प्रत्येक निवेश के लिए आप निवेश के मामलों का समय बनाते हैं, विशेष रूप से शेयर बाजार में, आपको चयनात्मक होना पड़ता है और सही समय पर सही स्टॉक चुनना पड़ता है। राकेश झुनझुनवाला उसका मास्टर हैं, वह सही समय पर सही स्टॉक लेते हैं।

उन्होंने 1986 में 0.5 करोड़ रुपये का पहला बड़ा मुनाफा कमाया जब उन्होंने टाटा टी के 5,000 शेयर 143 रुपये की कीमत पर बेचे, जो उन्होंने 3 महीने पहले ही 43 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे थे। 1986 से 1989 के बीच उन्होंने 20-25 लाख रुपये कमाए। उनकी पहली बड़ी सफल शर्त लौह खनन कंपनी सेसा गोवा थी। उन्होंने आगे के कारोबार में सेसा गोवा के 4 लाख शेयर खरीदे, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये थी और करीब 2-2.5 लाख शेयर 60-65 रुपये और दूसरे 1 लाख रुपये 150-175 रुपये में बिका। कीमत बढ़कर 2200 रुपये हो गई और उसने कुछ शेयर बेचे।

इसलिए शुरू से ही उसके पास सही स्टॉक का चयन करने और सही समय पर सही सौदे पर

क्लिक करने की गुणवत्ता है। शेयर बाजार में सफल होने के लिए यह महत्वपूर्ण गुण है।

4) धीरज(patience):

शेयर बाजार में भावना को नियंत्रित करना और धैर्य रखना बेहद जरूरी है। शेयर बाजार ऊपर की ओर और साथ ही नीचे की ओर बढ़ता है। डाउन ट्रेंड के दौरान या मार्केट क्रैश के दौरान धैर्य बनाए रखना चाहिए। दूसरे शब्दों में, किसी को शेयरों में किए गए निवेश पर विश्वास होना चाहिए।

झुनझुनवाला के शेयरों में दिसंबर 2011 में 30% तक की गिरावट आई। लेकिन उनके पास धैर्य रखने की गुणवत्ता है और यह धैर्य उनके फल का भुगतान करता है। उन्होंने फरवरी 2012 में अपने घाटे की वसूली की। इस साल उनके पोर्टफोलियो ने लगभग 35% रिटर्न दिया है।

5) विझन(vision):

मेरा मानना ​​है कि अगर कोई व्यक्ति कुछ सपना देख सकता है तो वह ऐसा कर सकता है। इसमें समय और प्रयास और दृढ़ता लग सकती है लेकिन यह असंभव नहीं है। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना ​​है कि सपने लड़ने के लायक हैं क्योंकि वे आउट ट्रुस्ट सेल्फ और आउटडेटेड क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उद्योगपति धीरूभाई अंबानी के शब्दों में "केवल जब आप सपने देखते हैं तो आप इसे कर सकते हैं।" या "उन लोगों के लिए जो सपने देखने की हिम्मत करते हैं, जीतने के लिए पूरी दुनिया है!"

मेरे अनुसार राकेश झुनझुनवाला दूरदर्शी हैं। उन्होंने 1985 में 5,000 रुपये की पूंजी के साथ शुरुआत की और अब 2013 में वह 5119 करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो पर बैठे हैं। 5,000 रुपये से शुरू करना और शेयर बाजार में 5000 करोड़ रुपये तक पहुंचना अदम्य है। वह सपने देखता है और सपने को वास्तविकता में बदलने की क्षमता रखता है।

राकेश झुनझुनवाला जैसे शेयर बाजार में सफल होने के लिए किसी के पास एक विजन होना चाहिए।

राकेश झुनझुनवाला के लिए सफलता के लिए कई अन्य कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, लेकिन प्रारंभिक मैं 5 चीजों के ऊपर पा सकता हूं जो उन्हें शेयर बाजार में सफल बनाता है।

धन्यवाद|

सोर्स: श्रीकांत

Tuesday, November 10, 2020

Is Harshad Mehta's scam 1992 worth a 9.6 rating on IMDb?

Yes, Because Of LOVELY INTRO MUSIC (Fun Fact: You will not Skip it in the Whole Series of 10 Episodes) And One More...You can Hear "Reha Meri Girlfriend" in the intro music....I Don't know How?If Not watching Web series hear it on Online.😂

Here Are Some Badaas Dialogues By the Characters Of the Web Series- 1992 Scam The Harshad Mehta Story.

"Free Mein toh me mere Baap ko bhi tip nhi deta"

"Ab Meri Tarah Risk se Ishq Hai toh Kood Pado, Ya to Duboge Ya Udoge"

"Share Market Itna Gahera Kua hai Jo Pure Desh ke Paise Ki Pyaas Bujha Skta Hai...Or Me Iss Kue Mein Dupki Lagana Chata hu...Bohot Gahera Jana Chata Hu"

"Alibaba or Chaalis Chor Harshad Or GrowMore"

"Share Market Mein Log Kismat Me Vishwaas Rkhte hai, Par mein Kismat mein nhi Keemat mei Vishwaas Rkhta hu"

"Abhi Apne Paas Kharch Krne ko sirf Time hi Toh Hai,Nhi toh Sahi Time ka Wait Krne Mein Khud Kharch Ho Jayange"

"Ye Market Ka Masala Na Char Cheezo Se Banta Hai, Pehla Tip, Khabar Insider Trading, Research, Usme Thoda Risk Mila, Ab Risk Jitna Zyada Market Ka Masala Utna Hi Teekha"

"Lala Old School ho Ya New School, Sabke School Mein Ek Subject Common Hota Hai,Vo hai Profit, Or Vo mera Favourite Subject hai"

"Dekh Me 100 Logo ki Aaisi Sena Banana Chata hu Jo apna 100% Dene ko Tiyaar Ho Fir Apan Ek Hajar Ek taka History Banayenge"

"Sabke Dimaag Me Ye Baat Baith Jani Chiye Ki, Mehta ke Rajma Market Maja Ma"

"Profit Dikhta Hai Toh Koi Bhi Jukhta hai"

"Agar Meri Pooch Mein Aag Lagayenge Na toh Lanka Toh Unki Bhi Jalegi"

"Dekhiye Me Cigerrete Nhi Peeta, Pr Jeb Me Lighter Zaroor Rakhta hu, Dhamaka Krne Ke Liye"

"Market Me Sabse Bada Jokhim, Jokhim Na Lene Mein Hai"

"Jb Jeb Mein Money Ho Na Toh Kundli Mein Shani Hone Se Koi Farq Nhi Padta "

....or bhi hai par khud dekh lena.....

Some Screenshots From The Web Series

Go For It…It's a Must Watch, atleast for those who aspire to become Millionaire or Billionaire…It's Worth IMDB 9.6 Rating !!

Source: Yash Chaudhary

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